शराब घोटाला केस: पूर्व IAS टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने कहा- भ्रष्टाचार राष्ट्र के लिए खतरा

बिलासपुर हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा को जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस अरविंद वर्मा ने अपने आदेश में भ्रष्टाचार को ‘राष्ट्र का दुश्मन’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट लोक सेवकों को दंडित करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आदेशित है।

Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने भ्रष्टाचार को राष्ट्र का दुश्मन करार दिया। 43 पन्नों के आदेश में कोर्ट ने कहा है कि भ्रष्ट लोक सेवकों का पता लगाना और उन्हें दंडित करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का आदेश है । कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार ना सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि जीवन, स्वतंत्रता, समानता के अधिकारों का उल्लंघन भी है। टुटेजा के वकील अर्शदीप खुराना ने तर्क दिया था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें केस में फंसाया गया है। जिसके बाद राज्य शासन की ओर से वकील महेश जेठमलानी ने दलील पेश की। उन्होंने रहा कि जांच के अनुसार अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी और अनवर ढेबर के साथ सिंडिकेट का मुख्य हिस्सा रहे हैं। उन्होंने सरकारी अफसर होने की हैसियत से अपने पद का दुरुपयोग किया। याचिकाकर्ता ने चिकित्सा मुद्दों के मामले में समानता के आधार का हवाला दिया था। जिसे लेकर राज्य शासन ने पक्ष रखा कि टुटेजा को ऐसी कोई गंभीर चिकित्सा समस्या नहीं है। इसलिए याचिकाकर्ता समानता के आधार पर जमानत देने का दावा नहीं कर सकता है।

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