मणिपुर हिंसा- सुरक्षाबलों की गोली से एक प्रदर्शनकारी की मौत

MANIPUR: मणिपुर में सात नवंबर से लेकर अब तक लगभग बीस लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की 50 कंपनियां मणिपुर भेजने का फैसला लिया है।

मणिपुर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। जिरिबाम में मैतेई प्रदर्शनकारी की फायरिंग में मौत हो गई जिसके बाद हालात और भी बिगड़ गए । प्रदेश के स्कूलों में 2 दिन के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की 50 कंपनियां मणिपुर भेजने का फैसला लिया है। आर्मी, असम राइफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस और राज्य के कमांडो इंफाल और बाहरी इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इधर भाजपा सरकार में शामिल नेशनल पीपुल्स पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया है। 60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में NPP के 7 सदस्य हैं।  हालांकि भाजपा के पास 32 सदस्य हैं।  ऐसे में सरकार को फिलहाल खतरा नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम वापस लेने को कहा है। हिंसक घटनाओं के कारण केंद्र ने इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, जिरीबाम, कांगपोकपी और बिश्नुपुर में AFSPA लगाया है। बीते 16 नवंबर को सीएम बीरेन सिंह और दस विधायकों के घरों पर हमले हुए थे। हालात को देखते हुए पांच जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है, वहीं सात जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। कुछ मंत्रियों और भाजपा के 19 विधायकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिख कर बीरेन सिंह को हटाने की मांग की है।