अब पूरे साल होगी चार धाम यात्रा, कपाट बंद होने के बाद भी श्रद्धालु करेंगे दर्शन

शीतकाल में भी चार धाम की यात्रा की जा सकती है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली को बेहतर करने के निर्देश दिए। सरकार ने इस वक्त यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में 25 फीसदी की छूट देने का भी फैसला लिया है।

चार धाम : उत्तराखंड में सरकार ने सालभर यानी बारहों महीने चार धाम की यात्रा संचालित करने का फैसला लिया है। जिसके बाद भक्त कभी भी चार धाम की यात्रा कर सकते हैं। दरअसल शीतकाल में चार धाम के कपाट बंद होने के चलते श्रद्धालु ग्रीष्मकाल में ही चार धाम की यात्रा का कार्यक्रम तय करते हैं। हालांकि चारों धाम के कपाट बंद होने के बावजूद शीतकालीन प्रवास स्थान पर डोली मौजूद रहती है, जहां भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान केदारनाथ का शीतकालीन निवास स्थान है। पांडुकेश्वर में भगवान बद्री के दूत, उद्धव मूर्ति की शीतकाल के दौरान पूजा की जाती है। खरसाली में मां यमुनोत्री, प्रवास करती हैं। मां गंगा मुखबा यानी मुखीमठ में प्रवास करती हैं। इन जगहों पर भक्त पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था का ख्याल रखते हुए प्रदेश सरकार ने चार धाम यात्रा पूरे साल जारी रखने की दिशा में पहल की है। इसके लिए सरकार खास इंतजाम भी कर रही है। SDRF , NDRF,  PWD,  पुलिस समेत अन्य कई महकमे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा-संरक्षा के लिए मुस्तैद रहेंगे। यकीनन सर्दी के मौसम में बर्फीले पहाड़ी इलाके में ठंड का प्रकोप रहेगा, ऐसे में यात्रा के दौरान सावधानियां बरतनी होगी।

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