Farewell to the Ganga-Jamuni culture!: बिहार का पटना शहर जहां अटल जयंती समारोह का आयोजन किया गया। मशहूर गायिका देवी ने अटल जी को नमन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने भारत माता की जय और अटल बिहारी अमर रहे के नारे लगाए। जिसके बाद देवी ने बापू के पसंदीदा भजन रघुपति राघव राजा राम से शुरुआत की। उन्होंने इस भजन में जैसे ही ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम गुनगुनाया तो हंगामा शुरू हो गया। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक इस तरह के वाकए से गायिका देवी भी दंग रह गई। हालात को देखते हुए उन्होंने जय श्रीराम का नारा लगाया और माफी मांगी। जिसके बाद माहौल शांत हो सका।


बड़ा सवाल ये है कि क्या अटल जी को याद करने वाले उनकी सोच को सलाम करने वाले ऐसा कर सकते हैं? क्या भगवा की आड़ में वाकई गंगा-जमुनी तहजीब और अनेकता में एकता वाले वाक्यों को समाप्त करने की कवायद की जा रही है। समाज को नई सोच, देश में मिल्लत और भाईचारा का सपना संजोने वाले ‘अटल’ की अटल सोच को खारिज करने वाले ये कौन लोग हैं? इस मुद्दे पर सूबे बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने ऐतराज जताया है। हालांकि मसला सियासत से इतर हट कर सोचने के लिए मजबूर कर रहा है।

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