बस्तर ओलंपिक: सरेंडर नक्सलियों की टीम ‘नुआ बाट’ का जौहर, नौजवानों ने ‘लाल आतंक’ को किया खारिज

वाकई ये जमाने के सामने बस्तर की नई तस्वीर है। हर्ष , उल्लास , जज्बा, जोश और जुनून से लबरेज नौजवान आने वाले कल में सुख, शांति और समृद्धि की नई राह पर चलने का मन जाहिर कर रहे हैं। लाल आतंक के नुमाइंदों के लिए सीधी चेतावनी है कि अब बस्तर को खौफ नहीं सुकून चाहिए।

Bastar Olympics: बस्तर बदलने लगा है… अबूझमाड़ की पहेली सुलझने लगी है। बस्तर ओलंपिक इस बदली तस्वीर की गवाही दे रहा है। घोर नक्सल प्रभावित इलाके में अब गोलियों की गूंज नहीं बल्कि हुनरमंद नौजवानों की जोश भरी आवाज सुनाई दे रही है। गांव-गांव से पहुंच कर खिलाड़ी इस आयोजन में अपनी प्रतिभा को लोगों के सामने रख रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से तकरीबन 1 लाख 65 हजार खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। इन सबसे इतर खास बात ये है कि इस खेल महाकुंभ में हिंसा की राह छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सली भी जौहर की नुमाइश कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में शामिल आठ टीमों में एक टीम सरेंडर करने वाले नक्सलियों की भी है। जिसका नाम नुआ बाट रखा गया है। बस्तर ओलंपिक में फुटबॉल, बॉलीबाल, कराटे, वेट लिफ्टिंग, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथेलेटिक्स जैसे खेल शामिल किए गए हैं।

आयोजन के समापन के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओलंपियन नीरज चोपड़ा भी मौजूद रहेंगे। वाकई ये जमाने के सामने बस्तर की नई तस्वीर है। हर्ष , उल्लास , जज्बा, जोश और जुनून से लबरेज नौजवान आने वाले कल में सुख, शांति और समृद्धि की नई राह पर चलने का मन बना चुके हैं। लाल आतंक के नुमाइंदों के लिए सीधी चेतावनी है कि अब बस्तर को खौफ नहीं सुकून चाहिए।

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