आदिम युग की अनोखी दुनिया में होम स्टे, जमीन से तीन हजार फीट नीचे रात गुजारेंगे सैलानी

आदिम युग की अनोखी दुनिया में सैलानी गुजारेंगे रात। दिखेगा सनराइज और सनसेट का मनमोहक नजारा। एमपी टूरिज्म बोर्ड की होम स्टे शुरू करने की कवायद।

पाताल में रात गुजारेंगे सैलानी: मध्य प्रदेश सरकार जमीन से तीन हजार फीट नीचे आदिम युग की अनोखी दुनिया पातालकोट में सैलानियों के लिए रात गुजारने की व्यवस्था कर रही है। दरअसल छिंदवाड़ा के पास पातालकोट सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। कुदरत ने इस इलाके को खास सौंदर्य से नवाजा है। जमीन से तीन हजार फीट नीचे इस इलाके में सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा दिलकश होता है। लेकिन रात गुजारने का इंतजाम नहीं होने के चलते सैलानी इन खास पलों का नजारा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में एमपी टूरिज्म बोर्ड ने होम स्टे शुरू करने की कवायद शुरू की है।

होम स्टे का निर्माण शुरू: होम स्टे के लिए बीजाढ़ाना को पर्यटन ग्राम के रूप में चुना गया है। यहां पांच से ज्यादा जगहों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। जुलाई तक सैलानियों के लिए होम स्टे की सुविधा मुहैया कराने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए पहाड़ियों के ऐसे स्थानों को चयन किया गया है, जहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखा जा सके।

पातालकोट की खासियत: पातालकोट में दिन के वक्त भी शाम सरीखा नजारा होता है। इलाके में जमीन से तीन हजार फीट नीचे जड़मादल, हर्रा कछार, सेहरा समेत 12 गांव हैं। गांव जमीन में काफी नीचे की ओर हैं और पहाड़ियों से घिरे हैं। ऐसे मेंइनमें कई गांवों तक धूप नहीं पहुंचती है। यहां मौजूद पहाड़ियों की चट्टानें आर्कियन ईयोन युग की हैं। ये चट्टानें 2500 मिलियन वर्ष से भी ज्यादा पुरानी हैं।

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