खंडवा में सिस्टम की लापरवाही ने एक युवक की जिंदगी निगल ली। सड़क हादसे में घायल युवक को डॉक्टरों ने इंदौर रेफर किया था। उसे जिस 108 एंबुलेंस से लेकर इंदौर जा रहे थे, उसमें ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था। कर्मचारियों ने सिलेंडर चेक भी नहीं किया। करीब दो घंटे तक युवक के मुंह पर बगैर ऑक्सीजन ही मास्क लगा कर रखा गया। ऐसे में घायल युवक की रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक टाकली कला गांव का रहने वाला था और MPEB में हेल्पर के पद पर काम करता था। सड़क हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट आई थी।

इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे की कलई खोल दी है। एंबुलेंस का इस्तेमाल जिंदगी बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन लापरवाही ने इसे जानलेवा बना दिया। सवाल ये उठता है कि आखिर आपात सेवा के नाम पर जानलेवा खेल क्यों ? युवक की मौत का जिम्मेदार कौन है ?
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