महाकुंभ 2025: 45 दिन में 2 लाख करोड़ का करोबार अनुमानित

वैसे तो महाकुंभ आस्था का संगम है, जिसमें दुनियाभर के श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। इस बार कुंभ आस्था के साथ बिजनेस का भी संगम बनने जा रहा है।

प्रयागराज महाकुंभ 2025: महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ड उमड़ रही है। 45 दिन तक चलने वाले महाकुंभ के पहले दिन करीब डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में स्नान किया। एक अनुमान के मुताबिक आयोजन के दौरान करीब चालीस करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे। आस्था का महापर्व सिर्फ श्रद्धा और आस्था ही नहीं, बल्कि बिजनेस के मायने में भी रिकॉर्ड बनाने वाला है। माना जा रहा है कि कुंभ आयोजन के दौरान करीब ढाई लाख करोड़ का बिजनेस होगा। जिससे प्रदेश सरकार को 25 हजार करोड़ का राजस्व हासिल होगा।

किस सेक्टर से मिलेगा कितना राजस्व?: आवास और पर्यटन सेक्टर में करीब 40 हजार करोड़ का कारोबार हो सकता है। भोजन और खाद्य सामग्री से करीब 20 हजार करोड़ का व्यापार हो सकता है। पूजा सामग्री की बिक्री से भी 20 हजार करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। लॉजिस्टिक और टूरिज्म सर्विस से 10-10 हजार करोड़ का व्यापार हो सकता है। चिकित्सा सेवा से करीब तीन हजार करोड़ रुपए का कारोबार अपेक्षित है। मनोरंजन और मीडिया सेक्टर में भी 10 हजार करोड़ के कारोबार की संभावना है।

प्रदेश सरकार को 25 हजार करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद: महाकुंभ 2025 के आयोजन से प्रदेश सरकार के खजाने में 25 हजार करोड़ रुपए बढ़ोतरी की संभावना है। जबकि महाकुंभ के आयोजन पर करीब 6 हजार 900 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

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