बोलती तस्वीरें.. राजधानी रायपुर में अपराध राज!, क्यों खौफजदा आमजन, क्यों बदमाश पहलवान?

राजधानी रायपुर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। शहर के बाहरी इलाकों में पुलिस की गश्त महज खानापूर्ति के लिए की जा रही है। 112 जैसे वाहनों का इस्तेमाल पुलिसकर्मी मौज मस्ती के लिए कर रहे हैं। ऐसे में आमजन का हाल बेहाल है।

राजधानी रायपुर में बदमाशों ने कहर बरपा रखा है। चोरों का आतंक … चाकूबाजी, तलवारबाजी करने वाले बदमाशों का आंतक… सड़क पर शराबखोरी करने वालों का आतंक… यानी… राजधानी में आतंकराज… आतंक ही आतंक….  दलदल सिवनी नाले के पास से वृंदावन और साइंस सिटी जाने वाली सड़क के पास की एक दुकान का वीडियो देखिए… जहां चोरों के गिरोह ने धावा बोला और कई छोटे दुकानों में सेंधमारी की …  इनमें एक दुकान चिकन बेचने वाले केशव साहू नामक शख्स की भी है…

दरअसल, इस इलाके में दो संवेदनशील स्थान हैं.. जहां हर वक्त वारदात की आशंका बनी रहती है.. एक ईरानी बस्ती के आसपास का इलाका, दूसरी जगह है सड्डू की BSP कॉलोनी …  पुलिस की गाड़ियां इन इलाकों में अक्सर अपराध के बाद तफ्तीश के लिए पहुंचती है। वृंदावन कॉलोनी से आगे एक पार्क है, शाम होने के साथ ही उसमें तमाम अवैध कारगुजारी अंजाम देने वालों का जमावड़ा शुरू हो जाता है… सवाल ये उठता है कि क्या मोवा थाना इससे वाकई अंजान है ?

एक पुराना वीडियो कुछ दिन पहले का है… जिसे देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आखिर राजधानी में अपराध की आंधी क्यों चल रही है …. जरा गौर कीजिएगा … एक वर्दीधारी शराब दुकान के अंदर नजर आएगा ..

अब इसके बाद का दृश्य भी देखिए जब आम लोगों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन 112 में रख कर पुलिसकर्मी शराब लेकर जा रहे हैं…

इस बाबत पुलिस पर्सन से बात करने की कोशिश की गई, तो 112 तेज रफ्तार में लेकर निकल लिए…. सोचिए …. कानून व्यवस्था का इस कदर हाल बेहाल हो, तो अपराधी मस्त और पुलिस पस्त का जुमला सही क्यों नहीं साबित होगा ?